
खरीफ सीजन में उर्वरक कालाबाजारी पर प्रशासन का शिकंजा, रायगढ़ में विशेष उड़नदस्ता दल गठित
रायगढ़। आगामी खरीफ सीजन को देखते हुए किसानों को निर्धारित मूल्य पर पर्याप्त मात्रा में रासायनिक उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी मयंक चतुर्वेदी ने उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी, अवैध भंडारण और अनियमित विक्रय पर नियंत्रण के लिए जिलेभर में विशेष उड़नदस्ता (फ्लाइंग स्क्वॉड) दलों का गठन किया है।
किसानों के हितों से समझौता नहीं
यह कार्रवाई कृषि उत्पादन आयुक्त एवं सचिव, कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा जारी निर्देशों के पालन में की गई है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी पाए जाने वालों पर कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
उड़नदस्ता दल करेंगे औचक निरीक्षण
गठित उड़नदस्ता दलों में कार्यपालिक दण्डाधिकारी, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी और उर्वरक निरीक्षक शामिल किए गए हैं। ये दल विकासखंडवार नियमित एवं औचक निरीक्षण कर उर्वरकों के भंडारण, वितरण और विक्रय व्यवस्था की निगरानी करेंगे।
जबरन टैगिंग पर रहेगी विशेष नजर
प्रशासन ने दलों को निर्देश दिए हैं कि किसानों को उर्वरकों के साथ सूक्ष्म पोषक तत्व, कीटनाशक, वृद्धि हार्मोन या अन्य उत्पाद जबरन खरीदने के लिए बाध्य न किया जाए। यदि ऐसी शिकायत मिलती है तो संबंधित विक्रेता के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पीओएस स्टॉक और वास्तविक स्टॉक का होगा मिलान
निरीक्षण के दौरान निजी उर्वरक विक्रेताओं के यहां पीओएस मशीन में दर्ज स्टॉक और वास्तविक भौतिक स्टॉक का मिलान किया जाएगा। साथ ही दुकानों में उपलब्ध उर्वरकों की मात्रा और निर्धारित मूल्य सूची का प्रदर्शन भी जांचा जाएगा।
कृषक विवरण पंजी की होगी जांच
प्रत्येक उर्वरक विक्रेता द्वारा कृषक विवरण पंजी संधारित किया जा रहा है या नहीं, इसकी भी जांच की जाएगी। इस रजिस्टर में किसान का नाम, व्यक्तिगत जानकारी, भूमि विवरण और खरीदे गए उर्वरक की मात्रा दर्ज होना आवश्यक रहेगा।


